ई-टेंडर / 6 टेंडरों में टेंपरिंग मिली, नई एफआईआर जल्द; भाजपा सरकार में हुए था तीन हजार करोड़ का घोटाला

भाजपा सरकार में हुए तीन हजार करोड़ के ई-टेंडर घोटाले में जल्द ही कुछ कंपनियों के प्रमुख और अफसरों पर ईओडब्ल्यू एफआईआर दर्ज कर सकती है। ई-टेंडर में टेम्परिंग की जांच के लिए भोपाल में कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी) दो दिन से डटी हुई है। इसे छह संदेहास्पद टेंडरों में तकनीकी गड़बड़ी मिली है, जिसके चलते बाकी कंपनियों पर कार्रवाई होगी। ईओडब्ल्यू ने पहले तीन टेंडर में टेम्परिंग पर कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। 



ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल में छेड़छाड़ से करोड़ों के घोटाले को अंजाम दिया गया था। ईओडब्ल्यू ने सीआईआरटी, दिल्ली को 9 टेंडर की रिपोर्ट भेजी थी। इनमें से 3 में टेंपरिंग पाई गई थी। बाकी छह टेंडर ऐसे थे, जिनकी तकनीकी जांच में तथ्यों की कमी पाई गई थी। इसकी दोबारा जांच के लिए सीआईआरटी के दो अफसरों की टीम दो दिन से भोपाल में है। इन्होंने संदिग्ध छह टेंडरों के रिकॉर्ड खंगाले हैं। प्रारंभिक जांच में पोर्टल में छेड़छाड़ के तथ्य मिले हैं। इसी आधार पर अब नई एफआईआर की की जाएगी।